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पत्रकारों के भोज में शामिल होने से किया मना

By Raj Express | Publish Date: 2/27/2017 11:57:03 AM
पत्रकारों के भोज में शामिल होने से किया मना

वाशिंगटन।  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह व्हाइट हाउस संवाददाता संघ (व्हाइट हाउस कॉरेसपॉण्डेंट्स एसोसिएशन (डब्ल्यूएचसीए) के वार्षिक रात्रिभोज में शामिल नहीं होंगे। इसके साथ ही ट्रंप ऐसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होने जा रहे हैं जो मीडिया के साथ अपनी तनातनी के बीच इस भव्य समारोह में नहीं होंगे। 36 सालों में ऐसा करने वाले वे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति हैं। 36 साल इसलिए हुआ, क्योंकि सन 1981 में   ऐसे ही समारोह में शामिल नहीं होने वाले राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन भी थे।  वे इसलिए इसमें  शामिल नहीं हुए थे, क्योंकि वह अपने उपर हुए घातक हमले से उबर रहे थे। हालांकि, उन्होंने फोन पर अपना संबोधन दिया था। एनपीआर के अनुसार, रिचर्ड निक्सन ने भी वर्ष 1972 में इस समारोह में शिरकत नहीं की थी। ट्रंप का यह कदम वर्षो से चली आ रही उस परंपरा के विपरीत है, जिसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति इस समारोह में शिरकत करते हैं। इस भोज में पत्रकारिता छात्रवृत्तियों के लिए धन जुटाया जाता है। इस वार्षिक समारोह में राष्ट्रपति, पत्रकार, चर्चित हस्तियां और वाशिंगटन के चुनिंदा लोग शामिल होते हैं।  ट्रंप की इस घोषणा से एक दिन पहले ही द न्यूयार्क टाइम्स, सीएनएन और बीबीसी समेत कई बड़े खबरिया समूहों को व्हाइट हाउस के एक संवाददाता सम्मेलन में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था।  इस अभूतपूर्व कदम के कारण ट्रंप प्रशासन और मीडिया के संबंधों में चल रहा तनाव और अधिक बढ़ गया।ओलांद ने की ट्रम्प के बयान की आलोचना - पेरिस। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने डोनाल्ड ट्रंप के पेरिस पर दिए गए विवादास्पद बयान की आलोचना करते हुए कहा है कि इस तरह का बयान देकर उन्होंने एक सहयोगी देश का अपमान किया है। ओलांद का यह बयान तब आया है, जब ट्रंप ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में लगातार हुए हमले के बाद कहा था कि मैं वहां कभी जाना नहीं चाहूंगा, क्योंकि पेरिस अब पेरिस नहीं रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की शुरुआत सीमाओं की सुरक्षा से होती है। शन्हुआ समाचार एजेंसी ने राष्ट्रपति ओलांद के पेरिस कृषि मेला से इतर दिये गये बयान को उद्धृत करते हुए कहा कि यहां आतंकवाद है और हमें इससे एक साथ लड़ना चाहिए। मुझे लगता है कि एक सहयोगी देश होने के नाते इस तरह की टिप्पणी करना अच्छी बात नहीं है। मैं अमेरिका के साथ इस तरह का काम नहीं करूंगा और अमेरिकी राष्ट्रपति को भी फ्रांस के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मैं किसी प्रकार की तुलना नहीं करना चाहता लेकिन यहां के लोग बंदूक नहीं चलाते। यहां पर आप लोगों को सिर्फ नाटक और त्रसदी का कारण बनने की संतुष्टि के लिए भीड़ पर अंधाधुंध फायरिंग करते नहीं देख सकते।’ श्री ओलांद ने श्री ट्रम्प को और अधिक एकजुटता दिखाने को कहा। श्री ओलांद का यह बयान तब आया है जब श्री ट्रम्प ने फ्रांस की राजधानी पेरिस में लगातार हुए हमले के बाद कहा था कि मैं वहां कभी जाना नहीं चाहूंगा, क्योंकि पेरिस अब पेरिस नहीं रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा की शुरूआत सीमाओं की सुरक्षा से होती है। श्री ट्रंप ने अपने दोस्त जिम का जिR करते हुए कहा कि उसने पेरिस जाना बंद कर दिया था क्योंकि पेरिस अब पेरिस नहीं रहा। श्री ट्रंप ने कहा कहा कि उसके दोस्त ने चार से पांच साल पहले फ्रांस की राजधानी की यात्र की थी। इसके बाद वहां काफी आतंकवादी हमले हुए।  सुरक्षा व एच-1बी वीजा पर होगी बात - नई दिल्ली। देश सचिव एस. जयशंकर मंगलवार से चार दिन की अमेरिका यात्र पर जा रहे हैं। इस दौरान एच-1बी वीजा पर संभावित प्रतिबंध और भारतीयों की सुरक्षा पर भारत की चिंता समेत अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। यहां अधिकारियों ने बताया कि जयशंकर अपनी इस चार दिवसीय यात्र के दौरान डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों के साथ परस्पर हित के क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि सरकार एच-1 बी वीजा मुद्दे पर चिंता को लेकर ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों के साथ संपर्क में है।  विदेश सचिव अपनी मुलाकातों के दौरान भारत का यह मत रखेंगे कि भारतीय कंपनियां अमेरिकी कपंनियों की प्रतिस्पर्धा ब?ाकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था में योगदान कर रही हैं। एच-1 बी वीजा एक गैर अप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों को उन विशेषज्ञता पेशों में विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने की इजाजत देता है, जहां विशेष क्षेत्रों में सैद्धांतिक या तकनीकी महारथ की जरूरत होती है। प्रौद्योगिकी कंपनियां हर साल हजारों कर्मचारियों की भर्ती के लिए इस पर निर्भर करती है। कंसास सिटी में एक भी वाले बार में नफरत की वजह से एक भारतीय इंजीनियर की हत्या के महज कुछ दिन बाद हो रही इस यात्र के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा के दौरान उठने की संभावना है। मुस्लिम महिला ने व्हाइट हाउस छोड़ ा - वीजा प्रतिबंध के विरोध में व्हाइट हाउस में हिजाब पहनकर काम करने वाली मुस्लिम महिला ने नौकरी छोड़ दी। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के एलान के बाद इस महिला ने यह कदम उठाया। बांग्लादेश मूल की रूमाना अहमद साल 2011 से व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) में काम कर रही थी। अटलांटिक में छपे लेख में रूमाना ने लिखा कि मेरा काम अपने देश की सर्वोच्च सुरक्षा को बढ़ावा देने का था। मैं व्हाइट हाउस केवेस्ट विंग में हिजाब पहनकर काम करने वाली अकेली मुस्लिम महिला थी। इसका ओबामा प्रशासन ने हमेशा स्वागत किया था।

 
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