• 14 साल की लड़की को बंधक बना 1000 लोगों से बनवाया शारीरिक संबंध
  • प्रशांत भूषण को पीटने वाले को बीजेपी ने बनाया प्रवक्ता
  • राजस्थान: लैंडिंग से पहले बाड़मेर में क्रैश हुआ सुखोई, दोनों पायलट सुरक्षित
  • 'लालू परिवार' हुआ रघुवंश से नाराज, राबड़ी ने बयान को बोला फूहड़
  • गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को पांचवां प्रांत घोषित करने की तैयारी में पाकिस्तान
  • सिद्धू को मिल सकता है कांग्रेस से झटका, अमरिंदर नहीं चाहते कोई डिप्टी CM
  • लोकसभा में भाजपा सांसदों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, लगे 'जयश्री राम' के नारे
  • पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार!

होम |

दुनिया

लैंगिक समानता के लिए खड़े हों पुरुष

By Raj Express | Publish Date: 3/15/2017 11:13:58 AM
लैंगिक समानता के लिए खड़े हों पुरुष

संयुक्त राष्ट्र। महिला सशक्तिकरण के ढांचागत रूकावटों को तोडऩे के करीब पहुंचने का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि दुनिया को ज्यादा महिला नेताओ के साथ इस बात की जरूरत है कि पुरुष लैंगिक समानता के लिए खड़े हों। कमीशन ऑन स्टेटस ऑफ वीमेन के यहां शुरू हुए वार्षिक सत्र में गुटेरेस ने कहा कि यह सच है कि मैं एक पुरुष हूं, लेकिन हमें जरूरत है कि सभी पुरूष महिला सशक्तिकरण के लिए खड़े हों। हमारी दुनिया को जरूरत है कि ज्यादा पुरूष लैंगिक समानता के लिए खड़े हों।  सी.एस.डब्ल्यू. महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के संवर्धन के लिए समर्पित एक प्रधान वैश्विक अंतरसरकारी निकाय है।   अगले दशक में करीब एक अरब महिलाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ेंगी, ऐसे में सशक्तिकरण से इन महिलाओं और लड़कियों की न सिर्फ क्षमता सामने आएगी बल्कि वे दुनिया को एक नए भविष्य की तरफ भी लेकर जाएंगी।  उन्होंने हाल में हुए एक अध्ययन का भी जिR किया जिसके मुताबिक महिला समानता आने से अगले दशक तक वैश्विक अर्थव्यस्था में करीब 12 खरब अमरीकी डालर जोड़े जा सकते हैं। वहीं हृ वुमेन की कार्यकारी निदेशक फूमजाइल नागसुका ने अपने संबोधन में लैंगिक समानता की धीमी प्रगति का जिR किया। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में महिला कर्मचारियों में से आधी से ज्यादा असंगठित रूप से काम करती हैं, इसमें घर की देखभाल भी शामिल हैं जिनकी जिंदगी के दूसरे अवसर सीमित हो जाते है क्योंकि वे घर का महत्वपूर्ण काम पर बिना वेतन काम करती हैं।   उन्होंने कहा कि अकेले भारत में 19 करोड़ महिलाएं असंगठित क्षेत्र में काम करती हैं। 

 
 
Contact us: contact@rajexpress.com
Copyright © 2016 RajExpress.com. All Rights Reserved.
Designed by : 4C Plus