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दुनिया

वीटो छोड़ने की पेशकश पर चीन की सधी प्रतिक्रिया

By Raj Express | Publish Date: 3/15/2017 11:39:22 AM
वीटो छोड़ने की पेशकश पर चीन की सधी प्रतिक्रिया

पेइचिंग।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता हासिल करने के लिए जी 4 देशों द्वारा प्रारंभिक तौर पर वीटो पावर छोड़ने की पेशकश पर चीन ने सधी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने संयुक्त सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए सभी पक्षों की ‘चिंताओं और हितों’ को ध्यान में रखते हुए ‘पैकेज समाधान’ का आह्वान किया है। जी 4 देशों की पेशकश पर चीन के विदेश मंत्रलय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का समर्थन करता है और इसमें विकासशील देशों का प्रतिनिधित्व और राय बढ़नी चाहिए। हुआ ने कहा कि सुरक्षा परिषद सुधार का संबंध सदस्यता की श्रेणीयों, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, वीटो पावर जैसे मुद्दों से है। हुआ ने कहा कि इन मुद्दों का एक पैकेज समाधान पर पहुंचकर ही हल किया जा सकता है, जिसमें व्यापक लोकतांत्रिक विमर्श के माध्यम से सभी पक्षों के हितों और चिंताओं को समेटा गया हो। बता दें कि चीन का करीबी पाकिस्तान स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने का विरोध करता है। इटली और पाकिस्तान की अगुवाई वाले युनाइटिंग फॉर कंसेंसस संगठन ने सदस्यों की एक नई श्रेणीका प्रस्ताव रखा है, जो स्थायी तो नहीं होगा लेकिन उसकी सदस्यता अवधि लंबी होगी और उसके एक बार पुनर्निर्वाचित होने की संभावना होगी।चीन वीटो पावर वाले पांच स्थायी सदस्यों का हिस्सा है। इस श्रेणी में अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन हैं। सुरक्षा परिषद में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश के तहत सात मार्च को जी 4 के सदस्यों ने कहा था कि वे नवोन्मेषी विचारों का स्वागत करते हैं और जबतक वीटो पावर पर फैसला नहीं हो जाता, वे संशोधित सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के तौर पर वीटो पावर छोडने को तैयार हैं। जी 4 के संयुक्त बयान में इस पर बल दिया गया कि संयुक्त राष्ट्र के ज्यादातर सदस्य सुधार के बाद सुरक्षा परिषद में स्थायी और गैर स्थायी सदस्यों की संख्या में विस्तार के पक्ष में हैं। चूंकि भारत पिछले कुछ सालों से स्थायी सदस्यता का अपना दावा रखते हुए सुरक्षा परिषद के सुधार पर जोर देता रहा है, ऐसे में चीन ने यह कहते हुए अनिश्चित रुख अपनाया कि संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका निभाने की भारत की महत्वाकांक्षा को वह समझता है।

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