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मुश्किल से निकलने के लिए स्टार्टअप्स सेक्टर कर सकती है सैकड़ों एंप्लॉयीज की छंटनी

By Raj Express | Publish Date: 3/2/2017 1:10:18 PM
मुश्किल से निकलने के लिए स्टार्टअप्स सेक्टर कर सकती है सैकड़ों एंप्लॉयीज की छंटनी
बेंगलुरु। इंडियन स्टार्टअप सेक्टर को और जॉब लॉस का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि करीब आधा दर्जन मझोले आकार की कंपनियों ने कॉस्ट घटाने और कैश बचाए रखने की कवायद के तहत सैकड़ों एंप्लॉयीज को छंटनी के नोटिस जारी किए हैं। कंपनियों को आने वाले दिनों में और मुश्किल हालात का सामना करना पड़ सकता है और इसलिए वे अपने पास कैश बचा रही हैं। भारत की तीसरी बड़ी ऑनलाइन मार्केटप्लेस स्नैपडील के संकट की तरफ सबका ध्यान गया है। वहीं, क्राफ्ट्सविला जैसी एथनिक ऑनलाइन रिटेलर, फैशन पोर्टल येपमी और टोलेक्सो उन स्टार्टअप्स में शामिल हैं, एक पूर्व सीनियर एग्जिक्युटिव ने बताया, 'हालिया हफ्तों में क्राफ्ट्सविला ने 100 से ज्यादा एंप्लॉयीज की छंटनी की है, जिसमें इसकी पूरी प्रॉडक्ट और टेक्नॉलजी टीम और ज्यादातर ऑपरेशंज, मार्केटिंग टीम है।' सूत्रों ने बताया कि कुछ सीनियर एंप्लॉयीज ने आने वाले संकट को भांपते हुए कुछ महीने पहले ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। इंडस्ट्री इनसाइडर्स जहां छंटनी के लिए फंडिंग के मुश्किल भरे माहौल को दोषी ठहरा रहे हैं। वहीं, दूसरे लोगों का दावा है कि फाउंडर्स और टॉप मैनेजमेंट की तरफ से लिए गए गलत फैसले मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। डेटा एग्रीगेटर वेंचर इंटेलिजंस के मुताबिक स्टार्टअप्स इन्वेस्टमेंट 28 फीसदी घटकर 1.4 अरब डॉलर रहा गया है जो कि 2015 में 2 अरब डॉलर था। 2016 की शुरुआत में जब फंडिंग में सुस्ती आई तो स्टार्टअप्स ने मार्केटिंग और ऐडवर्टाइजमेंट्स जैसी वेरिबल कॉस्ट में कटौती शुरू की थी। लेकिन, अब स्टार्टअप्स एंप्लॉयीज कॉस्ट घटाने पर विचार कर रही हैं।
 
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