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भारतीय रेल की मालवहन एवं यात्री कारोबार कार्ययोजना 2017-18 में बदलाब

By Raj Express | Publish Date: 3/3/2017 4:06:45 PM
भारतीय रेल की मालवहन एवं यात्री कारोबार कार्ययोजना 2017-18 में बदलाब
रेल बजट को आम बजट में शामिल करने के बाद रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने भारतीय रेल की मालवहन एवं यात्री कारोबार कार्ययोजना 2017-18 पेश की, जिसे 'मिनी रेल बजट' कहा जा रहा है। इसमें रेलवे के विकास, निजी निवेश को बढ़ावा देने और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ संयुक्त उद्यम बनाने आदि की रूपरेखा पेश की गई। रेल मंत्री ने 25 स्टेशनों को 100 फीसदी डिजिटल बनाने की भी घोषणा की। रेल मंत्री ने कहा, "योजना में 50 कदम उठाने की बात है, जिनमें आपूर्ति प्रणाली में सुधार और माल ढुलाई खंड में बड़े ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक अनुबंध शामिल हैं। इनके अलावा दो मंजिले कंटेनर लाने के साथ रोल-ऑन-रोल ऑफ सुविधा की भी शुरुआत होगी।' कार्ययोजना में जिन अन्य पहलुओं पर चर्चा हुई है, उनमें मोबाइल ऐप्लीकेशन आधारित कैब सेवा के लिए नीति, इस साल 6,000 स्वाइप मशीन और 1,000 टिकट वेंडिंग मशीन लगाना शामिल हैं। इसके साथ ही आधार आधारित टिकट सुविधा भी शुरू की जाएगी। इस बार नरेंद्र मोदी सरकार ने अलग से रेल बजट प्रस्तुत होने की 92 साल की परंपरा तोड़ दी और अलग से रूपरेखा प्रस्तुत करने की पहल की है। प्रभु ने कहा, 'पहले रेलवे बजट में ऐसी घोषणाएं होती थीं। हम स्वेच्छा से यह कार्य योजना पेश कर रहे हैं, हमें ऐसा करने के लिए किसी ने नहीं कहा है।' गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की रणनीति के तौर पर रेलवे विभिन्न पहल भी करेगा। इनके तहत 408 स्टेशनों पर रेल डिस्प्ले नेटवर्क की शुरुआत, आउट-ऑफ-होम विज्ञापन शुरू किए जाएंगे, जिससे रेलवे को अगले दस सालों में करीब 6,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। वित्त वर्ष 2017-18 के लिए पेश सालाना बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रेलवे के लिए 1,31,000 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा है। इनमें 55,000 करोड़ रुपये सरकारी मदद के रूप में दिए जाएंगे। जेटली ने अगले पांच सालों में 1 लाख करोड़ रुपये के सुरक्षा कोष के साथ राष्ट्रीय संरक्षा कोष स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है।
 
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