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श्रमिकों को नहीं दिए सुरक्षा उपकरण,18 महीने का कारावास

By Raj Express | Publish Date: 3/11/2017 5:52:08 PM
श्रमिकों को नहीं दिए सुरक्षा उपकरण,18 महीने का कारावास
बिना अनुमति बोरई क्षेत्र में कारखाना का संचालन करने व सेफ्टी गाइड लाइन का पालन नहीं करने वाले फर्म के संचालक को श्रम न्यायालय से 18 महीने का साधारण कारावास व 2 लाख 40 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। न्यायाधीश एसएल मात्रे के न्यायालय से यह फैसला आया। प्रकरण के मुताबिक प्रकाश अग्रवाल पर यह आरोप था कि उसके द्वारा बोरई क्षेत्र में सिम्हागिरी फाउंड्री के नाम से प्राइवेट लिमिटेड फर्म का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद 13 अप्रैल 2015 को कारखाना निरीक्षक केके साहू ने फर्म का निरीक्षण किया। इसमें बिना लाइसेंस के फर्म संचालन की शिकायत सही पाई गई। इसके अलावा श्रमिकों के लिए चिकित्सालय व डॉक्टर की व्यवस्था नहीं थी। प्राथमिक उपचार तक की व्यवस्था नहीं होने से श्रमिकों का एक साल से स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हो पाया था। फर्म में आनसाइड आपात योजना भी नहीं थी। श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण जूते, हेलमेट, हैंड ग्लब्स भी नहीं दिए गए थे। इसके आधार पर कारखाना अधीक्षक ने प्रकरण तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके बाद कोर्ट में मामला विचाराधीन रहा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी प्रकाश अग्रवाल को सजा सुनाई। उन्हें 18 महीने का साधारण कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा 2.40 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। 
 
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