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बिज़नेस

धीमी पड़ी एनपीए की वृद्धि दर

By Raj Express | Publish Date: 3/16/2017 5:41:02 PM
धीमी पड़ी एनपीए की वृद्धि दर
नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बैंकों की गैर निष्पादित परिसंपत्तियों एनपीए से निपटने को चुनौतीपूर्ण बताते हुये कहा कि चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में एनपीए में कमी देखने को मिली है। श्री जेटली ने वित्त मंत्रलय से संबद्ध सलाहकार समिति की पहली बैठक को यहां संबोधित करते हुये कहा कि सरकार एनपीए की समस्या से निपटने के लिए क्षेत्र विशेष से जुड़े उपाय कर रही है लेकिन एनपीए की समस्या बड़ी कंपनियों से जुड़ी हुयी है। हालांकि इस तरह की कंपनियों की संख्या कम है। वित्त मंत्री ने कहा कि विभिन्न बैंकों के मामलों पर विचार करने के लिए रिजर्व बैंक ने एक निगरानी समिति बनाई है। इस बारे में मिली प्रतिक्रिया और इसके प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की समितियों के बहुलीकरण पर विचार कर रही है। एक  बैड बैंक की स्थापना किये जाने के मसले पर वित्त मंत्री ने कहा कि अनेक संभावित विकल्प हैं और इस मसले पर विभिन्न मंचों पर बहस हो रही है। इन क्षेत्रों में एनपीए की समस्या अधिक एनपीए की समस्या इस्पात, विद्युत, बुनियादी ढांचागत और कपड़ा क्षेत्रों में अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003-08 के दौरान तेज आर्थिक विकास के वक्त औद्योगिक क्षेत्रों ने अपनी क्षमता बुहत ज्यादा बढ़ा ली थी, लेकिन वैश्विक आर्थिक मंदी और इसके बाद छाई सुस्ती से उन्हें जूझना पड़ा। इस्पात क्षेत्र में सुधार देखा जा रहा है जबकि बुनियादी ढांचागत, बिजली एवं कपड़ा क्षेत्रों में अनेक निर्णय लिए गए हैं। 
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