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बिज़नेस

रूई में बिकवाली घटने से दाम बढ़े

By Raj Express | Publish Date: 3/18/2017 4:33:55 PM
रूई में बिकवाली घटने से दाम बढ़े
इन्दौर। कपास सीजन समाप्ति की और अग्रसर है। लिहाजा, दैनिक आवक लगातार घटने लगी है। इस वर्ष भी कपास उत्पादन अनुमान से कम रहने की आशंका के बीच रूई में नीचे दामों पर बिक्री अटकने लगी है। इसके चलते सप्ताह के दौरान रूई में 400-500 रु खंडी की तेजी दर्ज हुई। उधर, वैश्विक दाम भी मजबूत होने से तेजी को बल मिल रहा है। शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में कॉटन वायदा बढ़कर 78 सेंट प्रति पौंड के पार पहुंच ने से रूई में धारणा मजबूती की रही। हालांकि भारत में इन दिनों कपास का मौजूदा सीजन उतारे पर होने से दौनिक आवक घटकर 1.12 से 1.30 लाख गांठ की रह गई है। देश में चालू सीजन के तहत अब तक 245 लाख गांठ का कपास मंडियों में पहुंच सका है, इसे देखते हुए  इस वर्ष कपास उत्पादन 320 लाख गांठ पर सिमट सकता है, जबकि अनुमान 335 से 345 लाख गांठ के बीच होने का लगाया गया था। वर्तमान में रुई के दाम 43800-44400 रु. प्रति खंडी के बताए गए। मध्यप्रदेश में अब तक करीब 17.50 लाख गांठ आवक  हुई है। आयात बढ़ने व निर्यात घटने के आसार डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में जोरदार उछाल देखी जा रही है। इसके चलते डॉलर मूल्य पिछले एक वर्ष के नीचे स्तर पर जा पहुंचा है। रुपए की मजबूती से जहां आयात लागत सस्ती होने की उम्मीद है। लिहाजा, इस वर्ष रूई आयात गत वर्ष के 16 लाख गांठ की तुलना में बढ़कर 25 लाख गांठ पहुंच सकता है।  जबकि निर्यात बेपड़ता होने से एक्सपोर्ट घटने की संभावना है। अब तक केवल 30 लाख गांठ का निर्यात हो सका है। यदि आने वाले समय में रुपया इसी तरह मजबूत रहा तो रूई निर्यात 40-45 लाख गांठ पर ही सिमट सकता है।   
 
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