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राज्य

स्वास्थ्य क्षेत्र की बदरंग तस्वीर...

By Raj Express | Publish Date: 3/1/2017 8:35:40 AM
स्वास्थ्य क्षेत्र की बदरंग तस्वीर...

भोपाल। मप्र का वित्त वर्ष 2017-18 की अवधि के लिये बजट पेश होने से एक दिन पहले मंगलवार को वित्त मंत्री जयंत मलैया ने सदन में वर्ष 2016-17 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। आर्थिक सर्वेक्षण में वैसे तो कमोबेश अन्य सभी क्षेत्रों में प्रदेश को तरक्की की राह पर अग्रसर बताया गया है। यहां तक कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय भी बढ़कर अब 72 हजार रुपये तक जा पहुंची है। लेकिन मानव विकास के मामले में यह सर्वेक्षण प्रदेश की बदरंग तस्वीर पेश करती है।  सर्वेक्षण में सीएजी के ताजा आंकड़ों के हवाले से बताया गया है कि राष्ट्रीय शिशु मृत्यु दर 39 के विरुद्ध मप्र में यह 52 है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीय शिशु मृत्यु दर 43 के मुकाबले मप्र में 57 है। इसी तरह शहरी क्षेत्रों में भी हालात खराब है। शहरों में राष्ट्रीय शिशु मृत्यु दर 26 के मुकाबले में मप्र 35 है। मातृ मृत्यु दर जहां देश में 167 है। वहीं मप्र में यह 221 है, जो कि राष्ट्रीय औसत से 32.33 फीसदी अधिक है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक सुधार करने की जरुरत है। 

औद्योगिक क्षेत्र: बढ़ोतरी का अनुमान
वहीं औद्योगिक क्षेत्र में 6.68 और सेवा क्षेत्र में 8.76 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है। सर्वेक्षण के मुताबिक वर्ष 2015-16 की अवधि में 62334 रुपये के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 की अवधि में बढ़कर 72599 रुपये हो गई है।
बैंकों में जमा राशि में इजाफा
प्रदेश के बैंकों में जमा राशि में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 2016-17 की अवधि में बीते 9 माह में बचत जमा में 10.41 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। सर्वेक्षण में कहा गया है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान 23.90 फीसदी है। 
दो वर्ष में 42048 करोड़ का निवेश
उद्योग क्षेत्र के बारे में कहा गया है कि वर्ष 2016-17 की अवधि में दिसंबर तक 60.38 हजार सूक्ष्म,लघु और मध्यम उद्योग स्थापित हुए,जिससे 6926 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। वहीं 2.67 लाख रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए। केंद्र की उदारीकरण नीति से वर्ष 2011 से वर्ष 2016 तक अवधि में आईईएम की संख्या 640 और प्रस्तावित पूंजी निवेश 229740 करोड़ रुपये था,जो कि वर्ष 2016 से 2016 दिसंबर की अवधि में 294 उद्योगों में से 42048 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। ऊर्जा,परिवहन क्षेत्र में भी स्थिति को बेहतर बताया गया है। 
साक्षरता में अब भी देश के औसत से पीछे
सर्वेक्षण में बताया गया है कि प्रदेश की साक्षरता दर 70.6 फीसदी है,जो कि राष्ट्रीय औसत 74.04 से लगभग 4 फीसदी कम है। वर्ष 2015-16 की अवधि में प्रदेश में कक्षा एक से 5 तक के छात्र और छात्रओं की शाला त्यागी दर क्रमश: 6.2 और 6.1 फीसदी है। इसी तरह 6 से 8 तक के छात्र-छात्रओं की शाला त्यागी दर क्रमश: 8.2 और 11.00 फीसदी है। सर्वेक्षण के मुताबिक प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 3.45 बेरोजगारों के पंजीयन हैं। 
वित्तमंत्री मलैया आज पेश करेंगे बजट 
प्रदेश के वित्त मंत्री जयंत मलैया बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2017-18 के लिए राज्य सरकार का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इसके लिए सदन में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं वित्त मंत्री भी बजट को अंतिम स्वरूप देकर बुधवार को इसे सदन में पेश करने की तैयारियों में जुटे हैं। श्री मलैया बुधवार सुबह 11 बजे सदन में अपना बजट भाषण प्रारंभ करेंगे। देश में जीएसटी लागू करने की पहल का असर भी इस बजट पर दिखायी देने की पूरी संभावना है। इसके अलावा राज्य की विभिन्न प्राथमिकताओं के साथ सड़क और सिंचाई परियोजनाओं और नर्मदा सेवा यात्र के दौरान होने वाली घोषणाओं के अनुरूप इस बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
 
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