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राज्य

अफसरों की कार्यशैली पर बीजेपी विधायक महेश राय ने उठाए सवाल

By Raj Express | Publish Date: 3/10/2017 3:55:29 PM
अफसरों की कार्यशैली पर बीजेपी विधायक महेश राय ने उठाए सवाल

 भोपाल। राज्य विधानसभा में गुरुवार को सत्तापक्ष के एक विधायक ने अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। प्रश्नकाल में विधायक महेश राय ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और कहा कि उनका प्रश्न प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का है। लोक निर्माण विभाग में कैस पहुंच गया है। प्रश्नकाल के दौरान सदन में यह मामला उठाते हुए विधायक महेश राय ने कहा कि प्रश्न प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का था। यह पीडब्ल्यूडी विभाग में पहुंच गया है। अब मैं कया करूं। यह पीडब्ल्यूडी का नहीं पंचायत के रोड का मामला है। उन्होंने बताया कि बीना से देहरी सड़क मार्ग पर 100 ग्रामों के लोगों का आना-जाना है। हमें लोग घेरते हैं। आश्वासन मिले तो वह जनता के बीच में जाएं। इस पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि सदन मे आधे प्रश्नों के उत्तर सही नहीं आते हैं। प्रश्न दूसरे विभागों में चले जाते हैं। सत्तापक्ष के ही वरिष्ठ विधायक बाबूलाल गौर ने भी विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि आप इस पर गौर करें। लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की अनुपस्थिति में सामान्य प्रशासन मंत्री लालसिंह आर्य ने इसका जवाब देते हुए स्वीकार किया कि यह ग्रामीण विकास विभाग की सड़क है। प्राक्कलन प्रक्रियाधीन है। इस संबंध में शीघ्र ही संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा। निर्देश भी जारी किए जाएंगे।

स्वीकृति के बाद बनेगा फ्लाई ओवर 
जावरा क्षेत्र में फ्लाई ओवर का काम रेलवे की स्वीकृति के बाद ही प्रारंभ किया जाएगा। यह जानकारी सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लालसिंह आर्य ने गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान सदन में दी। यह मुद्दा विधायक राजेंद्र पांडेय द्वारा सदन में उठाया गया था। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी 2016 को यह कार्य बजट में शामिल किया गया। एक वर्ष बाद भी कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। सदन में जवाब दिया जाता कि विरोध हो रहा, जबकि वहां तो प्रसन्नता है। पीडब्ल्यूडी के सेतु विभाग एवं रेलवे द्वारा सर्वे भी कर लिया गया, फिर कार्य क्यों नहीं। 24 घंटे में कई बार रलवे फाटक बंद होने से शहर दो भागों में बंट जाता है। जवाब में सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लालसिंह आर्य ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है। रेलवे की सहमति मिलते ही कार्य प्रारंभ हो जाएगा। 
ईई को हटाने पर अड़े विधायक मंत्री बोले पहले होगी जांच 
भोपाल। विधानसभा में लोक निर्माण विभाग के विद्युत यांत्रिकी संभाग ग्वालियर में निविदा दरों के अनुबंध से हटकर भुगतान का मामला गूंजा। प्रश्नकाल में विधायक सूबेदार सिंह रजौधा ने आरोप लगाया कि कार्यपालन यंत्री (ईई)के विरूद्ध विधायक, सांसद समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की, पर कार्रवाई नहीं हुई। सूबेदार सिंह रजौधा ने आरोप लगाया कि ईई के खिलाफ सांसद के अलावा दो विधायक, मेयर व जिलाध्यक्ष ने शिकायत की है, लेकिन जांच नहीं करवाई गई। मंत्री द्वारा ठेकेदार से समझौता कर ज्यादा भुगतान किया गया है। अनुबंध दर से हटकर अन्य दरों पर कार्यो का भुगतान हुआ है। वह सदन में मांग उठाते रहे कि ईई को हटाया जाए। उसके बाद ही जांच की प्रक्रिया प्रारंभ हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जवाब में सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लालसिंह आर्य ने कहा कि अगर वह जांच में दोषी पाया जाता है, तो हटाया ही नहीं जाएगा, बल्कि बड़ी कार्रवाई होगी। इसी बीच कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह, रामनिवास रावत, जयवर्धन सिंह भी श्री रजौधा का समर्थन किया। जब स्पीकर डॉ. सीताशरण शर्मा ने इन्हें बैठने को तभी नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि जब इतने सदस्य खड़े हैं, तो ईई को हटाकर जांच कराने में क्या दिक्कत है। सत्तापक्ष के विधायक बाबूलाल गौर ने कहा कि यह सदस्य का व्यक्तिगत प्रश्न नहीं है। अब यह सदन की प्रापर्टी है। कोई भी सदस्य इसके संबंध में अपने विचार रख सकता है।
90 दिन में होगी जांच: मप्र के कटनी जिले में दलहन आयात करने वाली 220 फर्मो के खातों की जांच करवाई जाएगी। यह बात कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने प्रश्नकाल के दौरान विधायक सरस्वती सिंह के सवाल के जवाब में कही। मंत्री श्री बिसेन ने बताया कि जांच के लिए एक समिति बना दी है। इस को 90 दिन के अंदर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्यवाही की जाएगी। विधायक श्रीमती सिंह ने आरोप लगाया था कि किस दिनांक को कितना दलहन लिया, इसका जवाब उन्हें नहीं मिला है।
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