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राज्य

मप्र में होगी 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी

By Raj Express | Publish Date: 3/15/2017 3:27:00 PM
मप्र में होगी 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी
भोपाल। प्रदेश में इसी माह से गेहूं खरीदी शुरू हो जाएगी। राज्य सरकार ने गेहूं खरीदी के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पिछले वर्ष सरकारी खरीदी का आंकड़ा 40 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को छू नहीं सका था, लेकिन इस बार गेहूं खरीदी का आंकड़ा 60 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर सकता है। इस बार प्रदेश में गेहूं की बंपर पैदावार होने की संभावना जताई गई है। 
लंबे समय बाद यह हालात बने हैं कि रबी के सीजन में गेहूं को प्राकृतिक आपदा से कोई नुकसान नहीं हुआ। जनवरी और फरवरी में प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओले से कुछ क्षेत्र की फसलों को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन इतना नहीं कि प्रदेश में इसे व्यापक नुकसान कहा जा सके। धनिया, मसूर जैसे फसलों को कुछ नुकसान हुआ जरूर, लेकिन गेहूं पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा। वहीं इस सीजन में पलेवा के लिए भरपूर पानी भी मिला और पानी के लिए बिजली भी भरपूर मिली। इससे प्रदेश में इस बार गेहूं की पैदावार के सभी पिछले रिकार्ड टूट जाने का संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसमें से कितना गेहूं खरीदी केंद्रों में पहुंचेगा, यह बड़ा सवाल है। मिले संकेतों के मुताबिक इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले कम से कम 20 लाख मीट्रिक टन अधिक गेहूं की खरीदी तय मानी जा रही है। वैसे सरकार भी इसी हिसाब से तैयारियों को अंजाम दे रही है। पिछले वर्ष भी सरकार ने 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी के हिसाब से तैयारी की थी, लेकिन खरीदी मात्र 39 लाख 91 हजार मीट्रिक टन तक आकर सिमट गई। वहीं उससे पहले के लगातार तीन वर्ष में खरीदी का आंकड़ा 60 लाख मीट्रिक टन से अधिक रहा। वर्ष 2015-16 की अवधि में सबसे अधिक 73 लाख 10 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी समर्थन मूल्य पर की गई थी। वहीं 2014-15 की अवधि में 72 लाख 974 मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इन दो सीजन में खरीदी 70 लाख मीट्रिक टन से अधिक रही थी। वहीं 2013-14 में 63 लाख 51 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी गई थी। 
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