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स्टीफन हॉकिंग ने चेताया, इंसान और तकनीक तबाह कर सकते हैं दुनिया

By Raj Express | Publish Date: 3/17/2017 12:13:03 AM
स्टीफन हॉकिंग ने चेताया, इंसान और तकनीक तबाह कर सकते हैं दुनिया

 आज आधुनिकीकरण के इस युग में जब सम्पूर्ण मानव समाज तकनीकी विकास की ओर दिनो दिन बढ़ता जा रहा है, परमाणु संयंत्रों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। देश एक-दूसरे को नीचा और कम विकसित दिखाने के लिए खुद को आधुनिक तकनीक से लैस करते जा रहे हैं और न ही हथियारों की आपूर्ति में कमी नहीं आने दे रहे हैं और न परमाणु हमलों की धमकियां देने से गुरेज़ कर रहे हैं।ऐसे समय में एक बूढ़ा, मानव जाति के प्रति सोचता है। वह चिंता व्यक्त करता है और ख़तरों से सचेत भी करता है। वह है ब्रिटिश भौतिक शास्त्री एवं महान वैज्ञानिक ‘स्टीफन हॉकिंग’। जिन्होंने मानवता के प्रति एक बार फिर अपनी चिंता व्यक्त की है।

उन्होंने आगाह किया है कि मानवों की आक्रामक प्रवृत्ति और प्रौद्योगिकी का तीव्र गति से विकास, परमाणु या जैविक जंग से धरती को तबाह कर सकता है। उनका कहना है कि अब मात्र कोई ‘विश्व सरकार’ ही मानव जाति को इस ख़तरे से बचा सकती है। परन्तु, प्रजातियों के तेज़ी से विलुप्त होने, वैश्विक तापमान में दिन ब दिन होते इज़ाफे और कृत्रिम बुद्धि से ख़तरे के बावजूद हॉकिंग भविष्य को लेकर आशावादी हैं।
वर्तमान विश्व के सर्वाधिक बुद्धिमान वैज्ञानिक के रूप में विख्यात हाॅकिंग कहते हैं कि वे मुड़कर अपनी ज़िंदगी को देखते हैं और शुक्रगुज़ार होते हैं भविष्य में उम्मीद के आइने से झांकते हैं। लेकिन साथ ही साथ उन्हें मानव के भविष्य पर संदेह है और यह चिन्ता भी है कि मानव प्रजाति के पास एक प्रजाति के रूप में ज़िंदा बने रहने का गुण एवं कौशल नहीं है।
वे कहते हैं कि अगर मानवता को एवं आने वाली नस्लों को भविष्य देखने के लिए ज़िंदा रहना है तो एक ‘विश्व सरकार’ का गठन इस समय की सबसे बड़ी मांग है। क्योंकि सिर्फ विश्व सरकार ही मानवता को इन ख़तरों से बचा सकती है। वे यह भी कहते हैं कि इन ख़तरों की पहचान करने और इनके बेकाबू होने से पहले कोई सख़्त क़दम उठाये जाने की ज़रूरत है।
यह एक विश्व सरकार ही कर सकती है परन्तु उन्हें इस बात से इनकार नहीं है कि वह भी निरंकुश बन सकती है। लेकिन स्टीफन हॉकिंग ने उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है। वे कहते हैं कि यह सब किसी प्रलय जैसा लग सकता है, लेकिन मैं आशावादी हूं और मुझे लगता है कि मानव जाति के प्रति चिंतित लोग इस ख़तरे से निपटने के लिए सामने आएंगे।
 
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