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शिक्षा जगत

विश्वविद्यालय कर्मचारियों की हड़ताल, प्रभावित होंगी अनेक परीक्षाएं

By Raj Express | Publish Date: 3/9/2017 7:51:26 PM
विश्वविद्यालय कर्मचारियों की हड़ताल, प्रभावित होंगी अनेक परीक्षाएं

भोपाल। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन के अतिंम चरण में  कर्मचारी अनिश्चितकलीन लिए हड़ताल पर चले गए है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से तीसरे दिन गुरूवार को भी नियमित काम बंद रहे। प्रशासनिक भवन और विभागों में सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारियों की हड़ताल से विद्यार्थियों के नियमित काम और परीक्षाएं  प्रभावित होंगी। । इस स्थिति से निपटनें के लिए विश्वविद्यालयों ने अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। जिससे अगामी दिनों में विश्वविद्यालय में हाल बहुत खाराब हो सकते है।
जानकारी के अनुसार मप्र विश्वविद्यालयीन गैर शिक्षक कर्मचारी महासंघ के बैनर तले  कर्मचारी अपनी 17 सुत्रीय मांगों को लेकर 16 फरवरी से आंदोलन कर रहे है। संघ ने शासन को पहले ही 7 मार्च से अनिश्चितकलीन हड़ताल पर जाने की सूचना दी थी। इसके बाद भी 7 मार्च से शासन ने कर्मचारी संघ को बातचीत के लिए नहीं बुलाया, इसलिए संघ ने अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार मंगलवार से प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर, चित्रकूट में कर्मचारी हड़ताल पर हैँ।  तीन दिन से अधिकारियों ने शाखओं के ताले खाले और अपनी टेबल का काम किया।
पानी को तरसे अधिकारी
कर्मचारियों को हड़ताल पर रहने से विभिन्न विभगों के अधिकारी पानी तक को तरसे गए। उन्होंने फाइले संवय ही एक दुसरे की टेबल तक पहुंचाए। अधिकारियों का कहना है कि ऐसा एक दिन तो चल सकता है पर लगातार नहीं। कर्मचारियों की हड़ताल से विद्यार्थियों के काम प्रभावित होंगे ही।
- यह है कर्मचारियों की मांगे
- कर्मचारियों को समयमान वेतनमान 4500-7000 से बढ़ा कर 5500-9000 रूपए दिया जाए
- दैनिक वेतन भोगी और आकस्मिक निधि से वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का नियमितिकरण
- कर्मचारियों को चिकित्सा भत्ता 3000 रुपए दिया जाए
- राज्य शासन कर्मचारियों की तरह विश्वविद्यालयीन कर्मचारियों को पेंशन दी जाए

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