• 14 साल की लड़की को बंधक बना 1000 लोगों से बनवाया शारीरिक संबंध
  • प्रशांत भूषण को पीटने वाले को बीजेपी ने बनाया प्रवक्ता
  • राजस्थान: लैंडिंग से पहले बाड़मेर में क्रैश हुआ सुखोई, दोनों पायलट सुरक्षित
  • 'लालू परिवार' हुआ रघुवंश से नाराज, राबड़ी ने बयान को बोला फूहड़
  • गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को पांचवां प्रांत घोषित करने की तैयारी में पाकिस्तान
  • सिद्धू को मिल सकता है कांग्रेस से झटका, अमरिंदर नहीं चाहते कोई डिप्टी CM
  • लोकसभा में भाजपा सांसदों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, लगे 'जयश्री राम' के नारे
  • पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार!

होम |

संपादकीय

बल्लेबाजी सुधारे भारतीय टीम

By Raj Express | Publish Date: 3/8/2017 11:34:42 AM
बल्लेबाजी सुधारे भारतीय टीम
हमारी क्रिकेट टीम ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए दूसरे टेस्ट मैच में आस्ट्रेलिया को हराकर चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी तो कर ली है, पर यह भारत की जीत कम, आस्ट्रेलिया की हार ज्यादा है। मैच को सिलसिलेवार तरीके से समझें, तो सामने आता है कि आस्ट्रेलिया को चौथी पारी में 188 रनों का लक्ष्य मिला था और उसकी टीम कुल 112 रनों पर आउट हो गई। क्यों? इसलिए कि टीम इंडिया की गेंदबाजी बहुत धारदार थी और फील्डिंग भी चुस्त-दुरुस्त। अत: प्रतिद्वंद्वी टीम के खिलाड़ी एक-एक करके आउट होते गए और भारत के द्वारा दिए गए लक्ष्य को छू नहीं पाए, वरना 189 रन बनाना आस्ट्रेलिया के लिए बाएं हाथ का खेल था। यानी, हमारी टीम ने प्रतिद्वंद्वी के सामने कोई ऐसा लक्ष्य नहीं रखा था, जिसे वह छू नहीं पाता और बड़ा लक्ष्य रखा भी कैसे जा सकता था, जब हमारे बल्लेबाज टिके ही नहीं। यदि टीम इंडिया के पास दूसरी पारी की बढ़त नहीं होती तो बाकी तो सभी पारियों में बल्लेबाज कोई खास करिश्मा दिखा ही नहीं पाए। वे तो बहुत ही आराम से आउट होते चले गए। बताते चलें कि हमारी टीम ने पहली पारी में 189 रन इसके बावजूद बना पाए थे कि पहले टेस्ट मैच का सबक भी उसके पास था। यह टेस्ट पुणो में खेला गया था, जिसमें आस्ट्रेलिया ने हमें 333 रनों के बड़े स्कोर से हराया था। हां, अपनी पहली पारी में आस्ट्रेलियाई टीम भी हमारे गेंदबाजों के दबाव में रही थी। लेकिन जिन लोगों ने मैच देखा होगा, उन्हें पता होगा कि मेजबान टीम दबाव में होने के बाद भी अपनी पहली पारी बहुत अच्छे तरीके से खेली थी। हमारी टीम ने दूसरी पारी में 274 रन बनाए थे और उसमें जो बढ़त मिली थी, वही अंत में काम में आई। यहां यह देखना दिलचस्प है कि हमारे बल्लेबाज किस तरह से खेले। दूसरी पारी की शुरुआत में इन्होंने चार विकेट पर 238 रना बना लिए थे, लेकिन इसके बाद औसतन हर दूसरे रन पर एक विकेट गिरा और जब तक 238 में आठ रनों का स्कोर जुड़ा, तब तक हमारे चार विकेट और गिर चुके थे। मैच के तीसरे दिन यही हुआ था, जब पहले तो चार विकेट में 213 रन बनाए गए, फिर अगले 51 रनों में छह विकेट खो दिए।
पहले टेस्ट मैच में भी हमारे बल्लेबाजों ने आठ रनों के अंतराल पर चार विकेट गंवाने का रिकार्ड बनाया था। जिस तरह से बल्लेबाज नहीं चले, अगर उसी तरह गेंदबाजी नहीं चलती तो बेंगलुरु में भी हार पक्की थी। हालांकि, किसी भी टीम को उसकी गेंदबाजी, विकेट कीपिंग और फील्डिंग भी अजेय बनाती है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा दारोमदार बल्लेबाजों पर होता है। जब वे रनों का पहाड़ खड़ा कर देते हैं, तो अच्छी-अच्छी टीमों का हौसला पस्त पड़ जाता है। टेस्ट सीरीज में आस्ट्रेलिया से बराबरी कर लेने के बावजूद कप्तान विराट कोहली को बल्लेबाजी पर ध्यान देना ही चाहिए। फिलहाल तो इस जीत के लिए आर. आश्विन व उमेश यादव की ही तारीफ होनी चाहिए, जिन्होंने अंतिम पारी में आस्ट्रेलिया के क्रमश: छह व दो विकेट झटके। गेंदबाजी जैसी धार बल्लेबाजी में भी जरूरी है। 
Contact us: contact@rajexpress.com
Copyright © 2016 RajExpress.com. All Rights Reserved.
Designed by : 4C Plus