• 14 साल की लड़की को बंधक बना 1000 लोगों से बनवाया शारीरिक संबंध
  • प्रशांत भूषण को पीटने वाले को बीजेपी ने बनाया प्रवक्ता
  • राजस्थान: लैंडिंग से पहले बाड़मेर में क्रैश हुआ सुखोई, दोनों पायलट सुरक्षित
  • 'लालू परिवार' हुआ रघुवंश से नाराज, राबड़ी ने बयान को बोला फूहड़
  • गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र को पांचवां प्रांत घोषित करने की तैयारी में पाकिस्तान
  • सिद्धू को मिल सकता है कांग्रेस से झटका, अमरिंदर नहीं चाहते कोई डिप्टी CM
  • लोकसभा में भाजपा सांसदों ने किया पीएम मोदी का स्वागत, लगे 'जयश्री राम' के नारे
  • पंजाब और गोवा विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद आम आदमी पार्टी में फूट के आसार!

होम |

संपादकीय

ख्वाजा की बात एकदम सही..

By Raj Express | Publish Date: 2/22/2017 2:11:34 PM
ख्वाजा की बात एकदम सही..

 पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक बार फिर चर्चा में हैं। अपने देश में तो वे अकसर चर्चा में रहते हैं, मगर दुनिया में उनकी चर्चा एक बार तो तब हुई थी,जब बीते वर्ष उन्होंने हमारे देश पर परमाणु बम से हमला करने की धमकी दी थी और तब उनके बयान का संज्ञान लेकर अमेरिका ने पाकिस्तान के कान खींचे थे,जबकि अब उनकी चर्चा दूसरे कारण से हो रही है। उन्होंने हाफिज सईद को ऐसा आतंकवादी बताया है,जिससे सबसे ज्यादा खतरा पाकिस्तान को है। बेशक,उनकी बात सही है। केवल हाफिज सईद ही नहीं,बल्कि पाकिस्तान ने जितने आतंकियों का पालन-पोषण किया है,उनसे सबसे ज्यादा खतरा भी उसे ही है। भारत या फिर दुनिया के दूसरे देशों का ये एक हद से ज्यादा नुकसान नहीं कर सकते। आतंकी हमले हमें झटका देते हैं,कुछ इंसानी जानों को निगल लेते हैं,लेकिन हम पस्त नहीं पड़ते। थोड़ा सहमते हैं और फिर अपनी पुरानी लय में लौट आते हैं। मगर, आतंकवादी अगर अपनी पर आ गए तो पाकिस्तान को तो वे तबाह भी कर सकते हैं। वहां उनका एक वर्ग समर्थन करता है। उनके पास मरने को तत्पर युवकों की फौज और आधुनिक हथियार हैं। यहां तक कि परमाणु बम भी उन्हें मिल सकता है,तो वे कुछ भी कर सकते हैं।

यही भावार्थ है उसका,जो ख्वाजा आसिफ ने कहा है। लेकिन दुनिया के काम जो बात आ सकती है,वह दूसरी है। पाकिस्तान में ऐसा एक भी राजनीतिक दल नहीं है, जिसके किसी न किसी नेता ने ख्वाजा के बयान के लिए उन्हें धिक्कारा नहीं। मुस्लिम लीग नवाज सहित पाकिस्तान में जिन्ना का फोटो लेकर राजनीति करने वाली करीब आधा दर्जन मुस्लिम लीगें हैं। चूंकि ये सभी लीगें कट्टरपंथी हैं,इसलिए ख्वाजा पर उनके हमले चलते हैं। मुस्लिमों के तमाम गैर-राजनीतिक संगठन या तमाम धर्मगुरु भी कट्टर हैं। अत: उनके द्वारा की गई आलोचना भी संज्ञान में लेने लायक नहीं। आतंकवादी संगठन तो खैर ख्वाजा की निंदा करेंगे ही,पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी,कट्टरता के मामले में जिसका रिकार्ड अगर बहुत उज्ज्वल नहीं है तो बहुत बदरंग भी नहीं है,वह और उसके साथ ही इमरान खान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को भी अगर हाफिज सईद में पाकिस्तान का‘समाज सुधारक’ नजर आता है तो दुनिया समझ ले कि वहां आतंकवादियों को कितना समर्थन मिल रहा है।
आमतौर पर माना यह जाता है कि पाकिस्तानी मीडिया का एक बड़ा वर्ग सच बोलने से परहेज नहीं करता। लेकिन शायद ही कोई समाचार चैनल या अखबार ऐसा होगा,जिसने ख्वाजा आसिफ को उनके बयान के लिए भारत का भोंपू न बताया हो। इसीलिए इस विवाद के बाद अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की समझ में यह बात आ ही जानी चाहिए कि चूंकि पाकिस्तान का सामूहिक मनोविज्ञान धार्मिक दृष्टि से बेहद कट्टरपंथी है,इसलिए आतंकवाद में खुद फंसे रहना और उसमें दुनिया को उलझाकर रखना उसकी रणनीति है। यदि ऐसा नहीं होता तो ख्वाजा को वहां समर्थन ही मिलता। तब तो खासतौर पर,जब हाफिज नजरबंद है,उसे आतंकी भी माना जा चुका है।
Contact us: contact@rajexpress.com
Copyright © 2016 RajExpress.com. All Rights Reserved.
Designed by : 4C Plus