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स्वास्थ्य

मोतियाबिंद सर्जरी के बाद ‘आई-ड्रॉप्स’ कैसे डालें

By Raj Express | Publish Date: 2/22/2017 1:01:18 PM
मोतियाबिंद सर्जरी के बाद ‘आई-ड्रॉप्स’ कैसे डालें
मोतियाबिंद सर्जरी के बाद ‘आई-ड्रॉप्स’ डालने के लिए विशेष सावधानी की जरूरत होती है, क्योंकि मोतियाबिंद की सर्जरी की सफलता पूरी तरह से ‘आई-ड्रॉप्स’ पर निर्भर होती है। मोतियाबिंद की सर्जरी का लाभ आपको तभी मिल सकता है जब आप अपनी आंख में सही तरीके से ‘आई-ड्रॉप्स’ डालेगे। अगर ‘आई-ड्रॉप्स’ आपकी आंख में ठीक प्रकार से नही जाता तो सर्जरी का कोई को भी फायदा आपको नही होगा। मोतियाबिंद दृष्टि को प्रभावित कर सकता है। मोतियाबिंद अंधापन का दूसरा प्रमुख कारण भी है। ‘आई ड्रॉप’ आंख में दबाव को कम करते है, मोतियाबिंद के लिए प्रारंभिक उपचार के रूप में काम करते हैं और आप की दृष्टि को सुरक्षित करते है। पचास प्रतिशत मोतियाबिंद के रोगी ऐसे है जिनको ‘आई-ड्रॉप्स’ डालने का सही तरीका मालूम ही नही है। सबसे पहले अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह से धो लें। फिर अच्छी तरह से पोंछ कर ही दवा डालें। अपना माथा पीछे की ओर करके छत की तरफ देखें। धीरे से पलक को ऊपर करें और ‘आई-ड्रॉप्स’ डालें। दवा डालते हुए ध्यान रखें कि ड्रॉपर आंख से दूर ही रखें।
आंखों को कुछ देर बंद रखें
यदि ड्राप्स आंख में एक से अधिक डालनी है तो एक बूंद डालने के बाद दूसरी ड्राप डालने पर थोड़ा सा इंतजार करें। ‘आई-ड्रॉप्स’ डालने के कुछ देर तक आंखें बंद रखें और अगर अतिरिक्त दवा आंख से बाहर आ गई है तो उसे टिश्यु पेपर से साफ कर दें।
बॉटल को तुरंत कवर करें
‘आई-ड्रॉप्स’ डालने के बाद ड्रॉप्स की बॉटल को तुरंत कवर कर दें। इसे ऐसी जगह पर रखें जो साफ हो और बच्चों की पहुंच से दूर हो। यह भी सुनिश्चित कर लें कि ‘आई-ड्रॉप्स’ का ड्रापर हमेशा साफ़ रहे।
आंखों को मसले नहीं
‘आई-ड्रॉप्स’ डालने के बाद मोतियाबिंद के रोगी आंखों को मसले नहीं, इस बात का पूरा ध्यान रखें और उसको भी समझाए। डॉक्टर द्वारा दी गई ‘आई-ड्रॉप्स’ को निर्देशानुसार समय पर दें।
निश्चित अवधि तक करें इस्तेमाल  
‘आई-ड्रॉप्स’ की बॉटल को खोलने के 1 महीने के अन्दर ही इसका उपयोग कर लें। इस अवधि के बाद भी अगर दवा बच जाती है तो भी इसका उपयोग न करें।
 
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