बिग बॉस के घर में धूमधाम से हुई मोनालिसा की शादी*समाज में जो सबसे गरीब, सरकार के वह सबसे करीब: रमन*मुनाफा और ब्याज आय में बढ़ोतरी : Yes Bank*प्रणव ने झालदा सत्यभामा विद्यापीठ के शताब्दी समा..*देवरिया में महिला का शव बरामद होने से हडकंप*उम्मीदवारी के लिए नारायण साई ने मांगी जमानत*मार्च तक राशन दुकानों में कैशलेस सुविधा*टाइगर जिंदा रहेंगे, तो हम जिंदा रहेंगे : राजे.....*पांच राज्यों में 80 करोड़ रुपये से अधिक जब्त*झारखंड गठन के लिये 200 करोड़ रपये की मंजूरी*
प्रियंका ने दूसरी बार जीता''पीपुल्स चॉइस अवार्ड''
महिला क्रिकेट की पूर्व कप्तान हेहो फिंलट का निधन
‘हॉल ऑफ फेम’ क्लब में शामिल हुए कपिल देव
शीना बोरा मर्डर इंद्राणी, पीटर मुखर्जी पर हत्या के आरोप तय
मुख्यपृष्ठ राष्ट्रीय विश्व शहर  व्यापार खेल मनोरंजन शिक्षा सम्पादकीय क्लासिफाइड Appointment पत्रिकाएँ आज का पंचांग
ठंड में ठिठुरने को मजबूर बच्चे
On 1/11/2017 12:36:55 PM

Change font size:A | A

Print

E-mail

Comments

Rating

Bookmark

ग्वालियर। शहर में पड़ रही कड़ाके की ठंड का सबसे ज्यादा कहर स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों पर टूट रहा है। सुबह के वक्त कड़कड़ाती ठंड में जब जानवर भी अपने दड़वों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटाते, मासूम बच्चे पीठ पर बैग लादकर स्कूल जाने पर मजबूर हैं। नियमों के फेर में उलझा जिला शिक्षा विभाग मासूम बच्चों की शिफ्ट चैंज कर उन्हें राहत नहीं दे पा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भुगतनी पड़ रही है, क्योंकि उन्हें स्कूल दूर होने की वजह से स्कूल समय से काफी पहले घर से निकलना पड़ता है। ऐसे में बच्चे सुबह की कड़कड़ाती ठंड में अपने स्कूल वाहन का इंतजार करने को मजबूर हैं।
सेहत से ज्यादा रेडियो कार्यक्रम जरूरी
स्कूल शिक्षा विभाग प्राइमरी के बच्चों की सुबह की पाली इसलिए नहीं कर रहा है कि मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए दोपहर 2.30 बजे रेडियो पर कार्यक्रम प्रसारित किया जाता है। राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देश के मुताबिक बच्चों को रेडियो कार्यक्रम सुनवाना जरूरी है, जिससे प्राइमरी के मासूम बच्चों को सुबह की पाली में मजबूरन स्कूल जाना पड़ रहा है।
शिक्षा पर हावी व्यवसायिकता
शिक्षा पर व्यावसायिकता हावी हो जाने से स्कू ल संचालकों की संवेदना शून्य हो गई है। भवन की समुचित व्यवस्था नहीं होने की वजह दो पाली में स्कूल का संचालन किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी यदि स्कूल संचालक चाहे तो छोटे बच्चों की शिफ्ट दोपहर की करके मासूमों को काफी राहत दे सकते हैं, लेकिन जब तक जिला शिक्षा विभाग सख्त आदेश नहीं निकालता तब तक अपने स्तर पर स्कूल संचालक मासूम बच्चों की सेहत की परवाह करने करने को तैयार नहीं हैं।
 

Post Comments
More News
5 करोड़ की राशि से होंगे विक...
हर बीमारी की चिंता भाजपा सरक...
कन्या भ्रूण हत्या रोकने के ल...
बुधना नदी के किनारे एक शव बर...
72 घंटे बाद भी नहीं लगा लुटे...
चुनावी रंजिश को लेकर युवक पर...
छिन जाएगा प्रदेशस्तरीय कार्य...
सीएम के फोन से टली कांग्रेस ...
चार हजार आवासहीनों को 3 फरवर...
सूर्य नारायण के उत्तरायण होत...
गणतंत्र दिवस तक पूरे जिले को...
पीसीआई की टीम ने दूसरे दिन भ...
पीएफ टीम ने दो अस्पतालों पर ...
जेएएच: बीपीएल कार्ड है, लेकि...
बांसौडी टीम ने आसानी से जीता...
कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल के ...
तीन बार फैल हुआ ऑपरेशन चौथी ...
गंदगी पर जुर्माना, सफाई पर क...
क्षेत्र का विकास और प्रगति ह...
भिंड: नसबंदी के बाद महिला की...
पेट की खातिर दाव पर लगाते है...
सुप्रीम कोर्ट ने थर्ड जेंडर ...
आप बिल्डर से टैक्स क्यों नही...
निर्माणाधीन बालकृष्ण आर्केड ...
साडा बनाएगा एनएच-3 पर सबसे ल...
अब हड़ताल की तो कटेगा कर्मचा...
भिंड: कलेक्टर को सेप्टिक टैं...
सर्द हवाओं ने दिन का पारा 5....
अंचल के लोकतंत्र सेनानी 21 म...
स्कूल वैन ठेले से टकराई नशे ...
आनंद उत्सव मेले में विद्यार्...
पंखों में धूल और जाले लगे है...
कृष्णभक्ति पर केंद्रित था हव...
मेमोविन साइंस कार्निवाल को ल...
कुपोषण से मौत हुई तो कलेक्टर...
साढ़े तीन साल की मासूम बेटी ...
ग्रामीण को पहुंचाया हवालात...
19 वर्ष तक के बच्चों को दवा ...
डेयरी संचालक को बंदूक की नोक...
दो दिन बढ़ सकती है शिल्पबाजा...
स्वच्छता अभियान से जुडे, 196...
जल्द शुरू होगा अटलबिहारी वाज...
पहला नेट मीटरिंग सिस्टम शासक...
रात का तापमान फिर 4.7 डिसे प...
पठान होंगे शहर कांग्रेस के क...
पूर्व केंद्रीय मंत्री सिंधिय...
सात साल में लागत 47 से बढ़कर...
छह घंटे में हटाए आठ अतिक्रमण...
 सम्पर्क करें  विज्ञापन दरें आपके सुझाव संस्थान
© Copyright of Rajexpess 2009,all right reserved.
Developed & Designed By: