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शिक्षा जगत

फुटवेयर डिजायनिंग संस्थान को मिलेगा राष्ट्रीय महत्व का दर्जा

By Raj Express | Publish Date: 3/15/2017 1:08:30 PM
फुटवेयर डिजायनिंग संस्थान को मिलेगा राष्ट्रीय महत्व का दर्जा

नई दिल्ली। देश में वाणिज्य मंत्रालय द्वारा स्थापित फुटवेयर डिजायन संस्थान को आईआईटी की तर्ज पर राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने संबंधी बहुप्रतीक्षित विधेयक को मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने फुटवेयर डिजायन एवं विकास संस्थान विधेयक -2017 को लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक के संसद से पारित हो जाने पर देश के उन हजारों विद्यार्थियों की संकट में फंसी डिग्री की समस्या का समाधान निकल जाएगा जो विश्वविद्यालय अनुदान द्वारा इससे जुड़े 12 संस्थानों की डिग्री को अमान्य कर दिए जाने के कारण पिछले कई महीनों से आंदोलन कर रहे थे।

गठित होगी संचालन परिषद

इस विधेयक में राष्ट्रपति को इस संस्थान का विजिटर बनाने का प्रस्ताव है। इसके लिए एक संचालन परिषद गठित होगा, जिसका एक अध्यक्ष होगा और एक कार्यकारी निदेशक, एक प्रबंध निदेशक और एक सचिव होगा। परिषद का अध्यक्ष देश का कोई प्रख्यात वैज्ञानिक, शिक्षाविद या उद्योगपति बनेगा, जिसका मनोनयन सरकार करेगी। यह संस्थान विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट देगा।

यह था मामला

नोएडा, कांचीपुरम, रोहतक, जोधपुर, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा और गुना, रायबरेली, पटना, हैदराबाद, अंकलेश्वर तथा चंडीगढ़ स्थित इन संस्थानों के विद्यार्थियों को पहले इग्नू से डिग्री मिलती थी। बाद में कुछ तकनीकी कारणों से इग्नू के साथ इन संस्थानों का करार रद्द हो गया जिसके बाद इन छात्रों को मेवाड़ विश्ववद्यालय से डिग्री दी जाने लगी लेकिन यूजीसी ने इस आधार पर यह डिग्री रद्द कर दी कि किसी राज्य का विश्वविद्यालय अपने प्रांत से बाहर किसी संस्थान के छात्र को डिग्री नहीं दे सकता। इस कदम के बाद छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया था और उन्होंने इंडिया गेट तथा जंतर -मंतर पर कई बार धरने दिए। 

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