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ग्वालियर

मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना में अनियमितता...

By Raj Express | Publish Date: 3/20/2017 2:51:07 PM
मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना में अनियमितता...

ग्वालियर। मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इस योजना के लिए किसान कंपनी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि यह योजना अभी नहीं आई है। इसके पीछे प्रमुख कारण योजना का फार्म ऑन लाइन भरा जाना है और अधिकारियों को इस योजना में भ्रष्टाचार करने का मौका नहीं मिलना है। किसान अनुदान योजना का नाम बदल सरकार ने मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना कर दिया है। इसका उद्देश्य है कि सभी अस्थाई पंप कनेक्शनों को स्थाई कनेक्शनों में परिवर्तित कर दिया जाए, लेकिन इस योजना के फार्म ऑन लाइन भरे जा रहे हैं और सहायक यंत्री व उपमहाप्रबंधक स्तर के अधिकारी का कोई रोल नहीं है लिहाजा कंपनी अधिकारी इस योजना का लाभ किसानों को नहीं दे रहे हैं तथा जो किसान लाभ लेने कंपनी कार्यालय पहुंच रहे हैं उन्हें चलता कर रहे हैं। स्थाई पंप कनेक्शन योजना: सरकार ने किसान अनुदान योजना शुरू की थी जिसमें व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। इस योजना में किसानों से स्वयं के व्यय पर ट्रांसफार्मर लगाने की योजना के तहत रुपए ले लिए गए और उनका कनेक्शन किसान अनुदान योजना में कर दिया तथा उसका पैसा ठेकेदार पचा गए। इसमें ठेकेदार व कंपनी अधिकारियों की मिलीभगत थी। बाद में इस मामले का भंडाफोड़ हुआ और डबरा में 59 प्रकरण इस प्रकार पकड़े गए जिसमें कंपनी ने चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया तथा एक महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी का चालू प्रभार छीन लिया। उसके बाद इस योजना का नाम बदलकर सरकार ने मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना कर दिया जिसमें प्रति हॉर्सपॉवर 6 हजार रुपया किसान से लिया जाता था तथा अगर किसान के यहां 5 एचपी का कनेक्शन होना है तो उसका खर्च 39 हजार रुपया आता है। सरकारी सब्सिडी के चलते किसान का जो बिजली बिल आता है, उसके द्वारा भरा जाना है।

बिजली कंपनी को घाटा
बिजली कंपनी को इस योजना के अमल में न लाने पर बहुत घाटा हो रहा है। किसान अस्थाई पंप कनेक्शन ले लेता था तथा उसकी छोटी से राशि में वह साल भर उसी अस्थाई पंप कनेक्शन से बिजली जलाता रहता था। इसके लिए वह संबंधित स्थानीय अधिकारियों को घूस देता था जिससे इन अधिकारियों की पौ बारह रहती थी लेकिन जब कंपनी ने देखा कि किसान बिजली पूरे साल जला रहा है और बिल अस्थाई पंप कनेक्शन के रुप में चंद माह का दे रहा है तो क्यों न किसान को स्थाई पंप कनेक्शन दे दिया जाए जिससे कंपनी को पूरा पैसा मिलेगा भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी लेकिन सरकार की इस योजना को कंपनी प्रबंधन के ही कुछ अधिकारी पलीता लगा रहे हैं।
ठेकेदारों के हाथों लुट रहे किसान
जब बिजली कंपनी के अधिकारी किसानों को वापस लौटा रहे हैं तो किसान बिजली कंपनी के ठेकेदारों के पास जा रहे हैं तथा उनसे ले-देकर इस योजना का लाभ दिलाने की गुहार लगा रहे हैं। ठेकेदार इसका लाभ दिलाने के ऐवज में मोटी रकम किसानों से एंठ रहे हैं। 
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