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सतना

राम नाम से भक्तिमय हुआ पहाड़ीखेरा ग्राम

By Raj Express | Publish Date: 3/20/2017 6:14:32 PM
राम नाम से भक्तिमय हुआ पहाड़ीखेरा ग्राम
पहाड़ीखेरा। चित्रकूट धाम की 84 कोस की परिक्रमा करते हुए संतो का विशाल जत्था पहाड़ीखेरा के समीप बृहस्पति कुण्ड में भगवान श्रीराम के पद चिन्हों को प्रणाम करते हुए दिन रविवार सुबह 7 बजे सिद्ध श्री राय के हनुमान जी के स्थान पहुंचा, जहॉ पर पहाड़ीखेरा की पुलिस चौकी एवं ग्राम के सैंकडों गणमान्य नागरिकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया तथा फल फूल के साथ स्वल्पाहार सभी संतों को कराया गया। 
धर्मिक महत्व वाले इस स्थल पर संतो के यहां पहुंचने एवं श्रीराम नाम के संकीर्तन से सिद्ध हनुमान जी का स्थान गूंज उठा एवं सैंकाड़ो की संख्या में श्रद्धालू संतों के समागम को देखने एवं भक्ति रस का पान करने के लिए पहुंचे। उल्लेखनीय है कि इन करीब 400 से अधिक संतो का जत्था 26 फरवारी 2017 तिथि फाल्गुन अमावस्या को चित्रकूट के भरत कूप से शुरूआत हुई थी। जिसमें 84 कोस की परिक्रमा करते हुए जिसका समापन 27 मार्च को चतुर्दशी के दिन जानकी कुंड में होगा। श्री महामण्डलेश्वर श्री प्रेमदास जी महराज द्वारा सभी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अपनी मधुर वाणी से कहा कि यह संतों का समूह भगवान श्रीराम के प्रति हमेशा अपने आप को भगवान राम के चरणों में अपना ध्यान लगना व अपने विचार ऐसे रखो की तुम्हारे विचारों पर भी किसी को विचार करना पड़े क्योकि समुन्द्र बनकर क्या फायदा कोई पानी तक न पिये बनना है तो छोटा तालाब बनो जहां पर शेर भी पानी पिए जो गर्दन झुकाकर और अपने आप पर हमेशा विश्वास कायम रखो क्योकि डाली पर बैठे हुए परिंदे को पता है कि डाली कमजोर है। फिर भी उस डाली पर बैठा है क्योंकि उसकों डाली से च्यादा अपने पंख पर भरोसा है। मुनष्य कितना गोरा क्यों न हो परन्तु परझाई सदैव काली होती है। 
मैं श्रेष्ठ हूँ यह अत्मविश्वास है सिर्फ मैं ही श्रेष्ठ हूँ यह अंहकार है। इसलिए जीवन की हर स्थिति में धैर्य बनाये रखाना ही श्रेष्ठता है। भग्यशाली वे नही होते जिन्हे सब कुछ अच्छा मिलता है बल्कि वे होते है। जिन्हे जो मिलता है उसे वो अच्छा बना लेते है। इसी अमृतवाणी से सभी श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संतो का जत्था कौंहारी, कॉलींजर से होते हुए भरत कूप के बाद जानकी कुण्ड में 84 कोष की परिक्रमा पूर्ण करेगा। 
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